विज्ञान,तकनीकि,सौर ऊर्जा,परमाणु ऊर्जा व पर्यावरण जागृति महामहोत्सव



दिनांक 01.03.2016 । अहमदाबाद ।

भारत की परमाणु सहेली डॉ नीलम गोयल ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय स्मारक में एक "विज्ञान, तकनीकि, सौर ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा व पर्यावरण जागृति महामहोत्सव" का आयोजन किया। इस महामहोत्सव के दौरान एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया । इस महामहोत्सव में नगर के प्रतिष्ठित, प्रबुद्ध, समर्थजन, विद्द्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्रा, परमाणु ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ व उत्कृष्ट वैज्ञानिक व आमजन सम्मिलित हुए। महामहोत्सव में नाटक, फिल्म और प्रदर्शनी के माध्यम से सभी आगंतुकों को भारत के सर्वांगीण विकास के सन्दर्भ में वास्तविक संसार के ज्ञान से अवगत कराने का एक सफल प्रयास किया गया। महामहोत्सव का प्रारम्भ द्वीप प्रज्वलन एवं ईश वन्दना नृत्य के साथ हुआ। विद्द्यालय, कालेज व यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं ने नृत्य प्रस्तुत किये। बंकिम ने संगीत के सुरों से आगंतुकों का मनोरंजन किया।

परमाणु सहेली ने बताया कि आज देश की समग्र जनता को पुरातनी विचारधारा के मार्ग और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप से निकल कर एक सतत विकास की राह को चुनना होगा। भारत के पास प्राकृतिक प्रसाधनों, कर्म शक्ति और योग्यता, ये तीनो ही प्रचुर मात्रा में हैं। लेकिन भारत की समग्र जनता भ्रांतियों एवं पूर्वाग्रहों में जकड़ी हुई होने के कारण अपने ही विकास के मार्गों पर मरने-मारने तक के विरूद्ध स्वरुप दीवारें बन जाती रही है। भारत में एक युग परिवर्तन हेतु क्रान्ति का होना अनिवार्य है।

परमाणु सहेली ने बताया कि, डॉ नीलम ने बताया कि, भारत की 87 करोड़ ग्रामीण जनता की अथाह कर्मशक्ति और 1600 लाख हेक्टेयर की उपजाऊ भूमि मिल कर भारत को सालाना 21 लाख अरब रूपये के बराबर का योगदान देने में समर्थ है। ऐसे में भारत की इस ग्रामीण जनता की औसत सालाना आय 12 लाख रूपये तक और पूरे भारत की यह आय 15 लाख रूपये तक पहुँच सकने में समर्थ है। लेकिन यह तब ही सम्भव है जब भारत के सर्वांगीण विकास की चार महत्वपूर्ण योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन होने लगे।

भारत की परमाणु सहेली ने बताया की वे अपनी एक विशिष्ठ रणनीति के मार्फ़त भारत के सर्वांगीण विकास के मार्ग में आ रही सभी चुनौतियों का निर्मूलन करेंगी। यही उनके जीवन का उद्देश्य है।

महोत्सव के दौरान क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं को पुरूष्कार और सर्टीफिकेट दिए गए। सभी आगंतुक जनों के लिए अल्पाहार व जलपान की पूरी व्यवस्थायें थी। महोत्सव में वक्ताओं ने इसे भारत में एक महा जन जागृति क्रान्ति का उद्घोष कहा है। आगंतुक जनों में पुष्तिकाओं व विषय सम्बन्धी उपन्यास का भी वितरण किया है।