राजस्थान में नदियों का अन्तर्सम्बन्ध जरूरी नहीं तो सूख जाएगा राजस्थान - डॉ. गोयल



सलेमाबाद, किशनगढ़ | सलेमाबाद में आम ग्रामीण जनों के साथ परमाणु सहेली ने चौपाल बैठक में सम्बोधन किया | परमाणु सहेली ने ग्रामीण वासियों की पीने के पानी व कृषि में सिचाई हेतु पानी की समस्या को सुना | ग्रामीण वासियों ने बताया कि उनके यहाँ पानी की कोई व्यवस्था ही नहीं है और खेती दिनों-दिन सूखती जा रही है | पहले कृषि से साल में तीन बार फसलें लेते थे और अब एक फसल भी मुश्किल से ले पाते हैं | इससे गाँव में किसान परिवार की स्थिति दिनों-दिन दयनीय होती जा रही है | ग्राम वासियों ने कहा कि हमें तो बारों मास पानी व बिजली की समुचित व्यवस्था हो जाए तो हमें और कुछ नहीं चाहिए | परमाणु सहेली ने बताया कि जब भी सरकार बिजली, पानी से सम्बंधित योजनाएं लेकर आती है तो आप ग्रामीणवासी ही उन योजनाओं का विरोध कर बैठते हैं | इस लिए यह समस्या तभी दूर होगी जब आप सभी ग्रामीण वासी इन योजनाओं के प्रति पूर्ण नैतिक समर्थन रखेंगे | ग्रामीण वासियों ने परमाणु सहेली के ज्ञान को पूरी गहराई के साथ सुना और पूरी जिम्मेदारी के साथ इन योजनाओं के प्रति पूर्ण समर्थन देने का प्रण लिया | सभी ने परमाणु सहेली के राजस्थान में नदियों जोड़ों महाअभियान में शपथ भी ली और राजस्थान में परमाणु सहेली ग्रामीण जन जागरुक मंच से जुड़कर इस क्रांति को पूरे राजस्थान की क्रांति बनाने का प्रण लिया |