ग्रामीण महिलाओं को किया जागरुक, नदियाँ जोड़ने का लिया संकल्प - डॉ. नीलम


रलावता, राज्य में दिन प्रतिदिन पानी की परेशानी बढती जा रही है। पानी का लेवल कम होता जा रहा है। बहुत ही जल्दी राजस्थान का ज्यादातर हिस्सा रेगिस्तान बनता जा रहा है। अगर इस और ध्यान नही दिया गया तो आने वाले समय में राजस्थान में पानी की समस्या एक बड़ा विकराल रूप ले लेगी।

इसी विषय को ध्यान में रखते हुए परमाणु सहेली डॉ. नीलम गोयल ने रलावता गावं की महिलाओं को पानी की महत्वता, कम होते संसाधन व राजस्थान में पानी के समूचित्त प्रवाह की स्वीकृत योजनाओं के सम्बन्ध में सभी ग्रामवासियों को जागरूक किया | साथ ही राजस्थान की नदिया जुड़ सके इसके लिए सभी को प्रतिज्ञा दिलवाई | कहा कि चाहे सरकार किसी की भी हों हमें इन चारों योजनाओ का समर्थन करना ही है | परमाणु सहेली ने बताया कि राजस्थान में एक करोड़ ग्रामीण परिवार कृषि योग्य 187 लाख हेक्टैयर जमीन से जुड़े हुए हैं है। यदि इन सभी परिवारों को बारह महीने पानी व पावर्ड बिजली मिलती है तो इसकी जो

वार्षिक आय अभी वर्तमान में 44000 रूपये प्रति परिवार है, वह बढ़कर 5 लाख तक हो सकती है। सभी ग्रामीण महिलाओ ने परमाणु सहेली डॉ. नीलम गोयल द्वारा चलाये जा रहे राजस्थान ग्रामीण जन-जागरूक मंच का समर्थन किया और सभी ने राजस्थान की नदियों को जोड़ने की बात का समर्थन किया व परमाणु सहेली के कार्य की सराहना की।