आपणी ग्राम पंचायत आपणों विकास - छारेड़ा 2021-22

नमस्कार | 
मैं विप्र गोयल (IIT खड़गपुर से), संस्थापक और निदेशक, अक्षवि अवेयर | 
मैंने इकोनॉमिक्स, मैथ्स & कंप्यूटिंग से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है । नीति आयोग (प्रधानमंत्री कार्यालय में) श्री अमिताभ कांत के साथ पूरे भारत के लिए एक कृषि डैशबोर्ड भी बनाया है जिससे हम भारत के हर जिले की कृषि को एक स्क्रीन के माध्यम से देख सकें । मैंने इसरो और परमाणु ऊर्जा विभाग में भी काम किया है । मैंने कोलंबिया विश्वविद्यालय (यूएसए), ऑस्ट्रेलिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में अपने शोध पत्र भी प्रस्तुत किए हैं ।

हम सबको मिलकर छारेड़ा ग्राम पंचायत की विकास परियोजना संविधान की 11 सारणी के हिसाब से बनानी है | दौसा जिले की, नांगल राजावतान तहसील की छारेड़ा ग्राम पंचायत को 56 करोड़ रूपए की अर्थव्यवस्था बनाने हेतु एक ग्राम पंचायत विकास परियोजना बननी है | इस बाबत हम जिला परिषद के आभारी हैं की हमें उन्होंने सभी डिपार्टमेंट्स के बीच समन्वयन करके छारेड़ा ग्राम पंचायत की विकास परियोजना बनवाने का अवसर दिया | 

Vipra Goyal with his Akshvi Aware Team
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Chareda GPDP 2021-22

छारेड़ा ग्राम को एक आदर्श मॉडल ग्राम बनाने का हुआ आगाज

छारेड़ा के आईटी सेंटर में अक्षवि अवेयर (आईआईटी-खड़गपुर) के निदेशक विप्र गोयल व संयोजक श्याम सुन्दर ने ग्राम सरपंच की अध्यक्षता में अन्य प्रतिष्ठित प्रबुद्ध बुजुर्ग ग्राम वासियों, किसान भाईयों व युवा जनों के साथ एक  सेमीनार का आयोजन किया।

ग्राम छारेड़ा व इससे जुडी सभी ढाणियों में पानी, बिजली, पशुचारा व रोजगार की समस्याओं के समाधान व छारेड़ा में बायो कोकीन गैस, डेयरी प्रोसेसिंग व फ़ूड प्रोसेसिंग प्लांट्स की स्थापनाओं के आर्यों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के बाबत  जानकारी देने के सन्दर्भ में इस बैठक का आयोजन हुआ। विप्र गोयल और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के सेवानिवृत राजेश कुमार गोयल ने पीपीटी प्रजेंटेशन के द्वारा छारेड़ा वर्षा ग्रहण क्षेत्र व चारागाह विकास, बायोगैस-डेयरी प्रोसेसिंग-फ़ूड प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापनाओं के सन्दर्भ में सभी को जागरूक किया। सेमीनारमें आये सभी से उनकी समस्याओं के बारें में प्रश्नोत्तरी की। ग्राम वासियों ने खेतीबाड़ी और मवेशियों के लिए पानी व चारे की सबसे बड़ी समस्या बताया।  साथ ही कृषि में आवश्यक बिजली की समुचित आपूर्ति न होने की, शिक्षा, बाल व स्त्री विकास की समस्या इत्यादि के बारे में प्रश्न किये। ग्राम वासियों ने प्रश्न किया कि इस प्रकार के कार्यों के बारें में भाषणबाजी तो बहुत बार सुनते आये हैं लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं होता है।

अक्षवि डायरेक्टर विप्र गोयल ने  प्रश्नो का उत्तर देते हुए बताया कि कोई भी कार्य  अकेली सरकार या अकेला प्रशासन नहीं कर पायेगा, जब तक कि ग्राम का प्रत्येक समुदाय, प्रत्येक परिवार यहां तक कि प्रत्येक जन जागरूक व एकमत होकर उन कार्यों के लिए नैतिक समर्थन व सकारात्मक वातावरण नहीं प्रस्तुत कर देवे।

विप्र ने बताया कि आप सभी के मन में यह बात अवश्य आती हैकि इस प्रका की भाषणबाजी तो बहुत होती आई है, सच में काम कुछ भी नहीं होता है। लेकिन अबकी बार अक्षवि अवेयर को स्वेच्छिक रूप से राजस्थान सरकार व जिला प्रशासन ने छारेड़ा को एक आदर्श ग्राम के कार्यों के लिए चुना है। अब आप सबकी बारी हैकि आप सभी मन-बुद्धि-भावना से एकमत-एकजुट हो जाएँ। अतः पहले के दो महीनों में सभी प्रकार के कार्यों की रिपोर्ट तैयार होनी है, इसके बाद इस रिपोर्ट के कार्यों की मंजूरी भी मिलेगी और मार्च-अप्रैल से ही कार्यों का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन भी प्रारम्भ होना है।

सेमीनार के माध्यम इस विस्तृत चर्चा से उपस्थित छारेदावासियों में आशा व विश्वास का श्री गणेश हुआ।